24 अगस्त 2022

Excel-Vlookup & Hlookup

 Vlookup में "V" का मतलब वर्टिकल और "Lookup" मतलब खोजना होता है।

एक्सेल में इसका प्रयोग किसी बड़े डाटा में से किसी खास वैल्यू को ढूंढने के लिए किया जाता है। अगर हम एक एक करके बड़े डाटा में किसी वैल्यू को ढूंढेंगे तो यह एक मुश्किल काम है और इसमें बहुत ही समय लग जाता है। लेकिन Vlookup का प्रयोग कर के हम खास वैल्यू को आसानी से और बहुत ही तेजी से एक्जेक्ट, एप्रोक्सिमेट दोनों तरह की सूचना या वैल्यू के अनुसार ढूंढ सकते हैं।
Vlookup फार्मूला का प्रयोग करने से पहले इसके सिन्टैक्स को समझते हैं।
syntax:- “=vlookup (lookup_value, table_array,col_index num [range_lookup])”

Lookup_Value: यह Vlookup फंक्शन का पहला आर्गुमेंट है। इसमें हम वह वैल्यू दर्शाते है जिसे अपने पूरे डाटा के अंदर ढूँढना होता है।
Table_Array: यह Vlookup फंक्शन का दूसरा आर्गुमेंट है। इसमें हम जिस डाटा में वैल्यू को ढूंढना है , उस पूरे डाटा की रेंज को यहाँ पर दर्शाते है।
Col_index_num :यह Vlookup फंक्शन का तीसरा आर्गुमेंट है। इसमें हमें जिस कॉलम से कोई सूचना ढूंढनी होती है उस कॉलम का नंबर हम इसमें हम दर्शाते है।
Range_Lookup : इसमें हमे True या False दो ऑप्शन मिलते है। इसमें हमे एक्जेक्ट वैल्यू के लिए False और एप्रोक्सिमेट वैल्यू के लिए True को चुनते हैं। अगर इसमें हम True और False में से कोई भी ऑप्शन सेलेक्ट नहीं करते तो By Default “True” ऑप्शन सेलेक्ट हो जाता है। Vlookup & Hlookup को प्रैक्टिकली समझने और जानने के लिए नीचे के वीडियो को देखते हैं।

 

https://youtu.be/mulIjoLh-3w

 

Hlookup में "H" का मतलब हॉरिजोंटल और "Lookup" मतलब खोजना होता है।
एक्सेल में इसका प्रयोग किसी बड़े डाटा में से किसी खास वैल्यू को ढूंढने के लिए किया जाता है। अगर हम एक एक करके बड़े डाटा में किसी वैल्यू को ढूंढेंगे तो यह एक मुश्किल काम है और इसमें बहुत ही समय लग जाता है। लेकिन Hlookup का प्रयोग कर के हम खास वैल्यू को आसानी से और बहुत ही तेजी से एक्जेक्ट, एप्रोक्सिमेट दोनों तरह की सूचना या वैल्यू के अनुसार ढूंढ सकते हैं।
Hlookup फार्मूला का प्रयोग करने से पहले इसके सिन्टैक्स को समझते हैं।
syntax:- “=hlookup (lookup_value, table_array,row_index num [range_lookup])”

Lookup_Value: यह Hlookup फंक्शन का पहला आर्गुमेंट है। इसमें हम वह वैल्यू दर्शाते है जिसे अपने पूरे डाटा के अंदर ढूँढना होता है।
Table_Array: यह Hlookup फंक्शन का दूसरा आर्गुमेंट है। इसमें हम जिस डाटा में वैल्यू को ढूंढना है , उस पूरे डाटा की रेंज को यहाँ पर दर्शाते है।
row_index_num :यह Hlookup फंक्शन का तीसरा आर्गुमेंट है। इसमें हमें जिस रो से कोई सूचना ढूंढनी होती है उस रो का नंबर हम इसमें हम दर्शाते है।
Range_Lookup : इसमें हमे True या False दो ऑप्शन मिलते है। इसमें हमे एक्जेक्ट वैल्यू के लिए False और एप्रोक्सिमेट वैल्यू के लिए True को चुनते हैं। अगर इसमें हम True और False में से कोई भी ऑप्शन सेलेक्ट नहीं करते तो By Default “True” ऑप्शन सेलेक्ट हो जाता है। 

 https://youtu.be/mulIjoLh-3w

Excel - PMT,IPMT, PPMT,CUMIPMT,CUMPRINC Functions

 

  1. PMT

    PMT फंक्शन के जरिये एक्सेल में EMI देय राशि को कैलकुलेट कर सकते हैं जिसके लिए हमें समय और दर का पता होना चाहिए।
    PMT फंक्शन का सिंटैक्स निम्न प्रकार से होता है...
    =PMT(rate,nper,pv,[fv],[type]
    Rate - लोन अमाउंट पर जो ब्याज दर लगता है। ध्यान रहे रेट अगर वार्षिक हो तो हम 12 से विभाजित करते हैं।
    nper - लोन अमाउंट को पेमेंट करने में लगा कुल समय। जब हम EMI चुकाते हैं तो हमें क़िस्त महीने में देय होता है अतः अगर हमे लोन चुकाने में वर्षों लग जाए या समय वर्ष में दिया हो तो समय के साथ हम 12 को गुना कर देते हैं ताकि वार्षिक समय महीने में बदल जाय।
    PV - कुल पेमेंट करने योग्य लोन अमाउंट। या फिर इसे वर्तमान राशि भी कह सकते हैं।
    FV - नकद राशि अगर देते हैं तब इसका प्रयोग किया जायेगा समान्यता इसको हम "0" कर देते हैं।
    type - पेमेंट करने का समय। अगर क़िस्त की पेमेंट हम समय से पहले करते हैं तो "1" या फिर समय के बाद या अंत में करते हैं तो "0" का प्रयोग करते हैं।

  2. IPMT

    IPMT फंक्शन का प्रयोग EMI जमा करने में केवल लगा हुआ ब्याज का पता करने के लिए किया जाता है।
    IPMT फंक्शन का सिंटैक्स निम्न प्रकार से होता है...
    =IPMT(RATE,PER,NPER,PV)
    Rate - लोन अमाउंट पर जो ब्याज दर लगता है। ध्यान रहे रेट अगर वार्षिक हो तो हम 12 से विभाजित करते हैं।
    per - किस महीने का क़िस्त निकलना है।
    nper - लोन अमाउंट को पेमेंट करने में लगा कुल समय। जब हम EMI चुकाते हैं तो हमें क़िस्त महीने में देय होता है अतः अगर हमे लोन चुकाने में वर्षों लग जाए या समय वर्ष में दिया हो तो समय के साथ हम 12 को गुना कर देते हैं ताकि वार्षिक समय महीने में बदल जाय।
    PV - कुल पेमेंट करने योग्य लोन अमाउंट। या फिर इसे वर्तमान राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) भी कह सकते हैं।

  3. PPMT

    PPMT - क़िस्त भरते समय इंटरेस्ट(ब्याज) अमाउंट को छोड़कर जो EMI अमाउंट होता है उसका पता लगाने के लिए हम इस फंक्शन का उपयोग करते हैं।
    PPMT फंक्शन का सिंटैक्स निम्न प्रकार से होता है...
    =PPMT(RATE,PER,NPER,PV)
    Rate - लोन अमाउंट पर जो ब्याज दर लगता है। ध्यान रहे रेट अगर वार्षिक हो तो हम 12 से विभाजित करते हैं।
    per - किस महीने का क़िस्त निकलना है।
    nper - लोन अमाउंट को पेमेंट करने में लगा कुल समय। जब हम EMI चुकाते हैं तो हमें क़िस्त महीने में देय होता है अतः अगर हमे लोन चुकाने में वर्षों लग जाए या समय वर्ष में दिया हो तो समय के साथ हम 12 को गुना कर देते हैं ताकि वार्षिक समय महीने में बदल जाय।
    PV - कुल पेमेंट करने योग्य लोन अमाउंट। या फिर इसे वर्तमान राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) भी कह सकते हैं।

  4. CUMIPMT

    CUMIPMT - इसका प्रयोग किसी खास समय में लगे ब्याज को जानने के लिए किया जाता है।
    CUMIPMT फंक्शन का सिंटैक्स निम्न प्रकार से होता है...
    =CUMIPMT(rate, nper, pv, start_period, end_period, type)
    Rate - लोन अमाउंट पर जो ब्याज दर लगता है। ध्यान रहे रेट अगर वार्षिक हो तो हम 12 से विभाजित करते हैं।
    nper - लोन अमाउंट को पेमेंट करने में लगा कुल समय। जब हम EMI चुकाते हैं तो हमें क़िस्त महीने में देय होता है अतः अगर हमे लोन चुकाने में वर्षों लग जाए या समय वर्ष में दिया हो तो समय के साथ हम 12 को गुना कर देते हैं ताकि वार्षिक समय महीने में बदल जाय।
    PV - कुल पेमेंट करने योग्य लोन अमाउंट। या फिर इसे वर्तमान राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) भी कह सकते हैं।
    Start_period - किस महीने से
    End_period - किस महीने तक का हमें ब्याज ज्ञात करना है।
    Type -पेमेंट करने का समय। अगर क़िस्त की पेमेंट हम समय से पहले करते हैं तो "1" या फिर समय के बाद या अंत में करते हैं तो "0" का प्रयोग करते हैं।

  5. CUMPRINC

    CUMPRINC - इसका प्रयोग किसी खास समय में ब्याज को छोड़ लगी राशि को जानने के लिए किया जाता है।
    CUMPRINC फंक्शन का सिंटैक्स निम्न प्रकार से होता है...
    =CUMPRINC (rate, nper, pv, start_period, end_period, type)
    Rate - लोन अमाउंट पर जो ब्याज दर लगता है। ध्यान रहे रेट अगर वार्षिक हो तो हम 12 से विभाजित करते हैं।
    nper - लोन अमाउंट को पेमेंट करने में लगा कुल समय। जब हम EMI चुकाते हैं तो हमें क़िस्त महीने में देय होता है अतः अगर हमे लोन चुकाने में वर्षों लग जाए या समय वर्ष में दिया हो तो समय के साथ हम 12 को गुना कर देते हैं ताकि वार्षिक समय महीने में बदल जाय।
    PV - कुल पेमेंट करने योग्य लोन अमाउंट। या फिर इसे वर्तमान राशि (प्रिंसिपल अमाउंट) भी कह सकते हैं।
    Start_period - किस महीने से
    End_period - किस महीने तक का हमें ब्याज को छोड़ कर लगी राशि ज्ञात करना है।
    Type -पेमेंट करने का समय। अगर क़िस्त की पेमेंट हम समय से पहले करते हैं तो "1" या फिर समय के बाद या अंत में करते हैं तो "0" का प्रयोग करते हैं।

इसे ज्यादा अच्छे से प्रैक्टिकल से समझने के लिए हमारे नीचे के वीडियो को अवश्य देखे। पसंद आये तो लाइक करें सब्सक्राइब करे और शेयर करें।

 

https://www.youtube.com/watch?v=a7AsvKo7fuo

MS-Excel Hyperlink by Formula

 Hyperlink is used to connect one thing to another, in which a website, picture, text, folder etc. can be linked to any source with the help of link. Here we will learn about hyperlink with the help of formula in excel. In connection of one thing to other we create a link connection. By clicking on primary location, we can open the connected file through the hyperlink from another location.To open hyperlink option in Excel, we use the button “Ctrl+K” or by clicking on the Link tab in the Insert menu.In the below, I am going to tell about hyperlink in two ways, all of you must watch, learn and if you like the videos, subscribe to the channel.

हाइपरलिंक का प्रयोग एक चीज को दूसरे चीज से कनेक्ट करने के लिए किया जाता है जिसमे की कोई वेबसाइट, पिक्चर, टेक्स्ट, फोल्डर आदि को लिंक के मदद से किसी सोर्स से जोड़ा जा सकता है। यहाँ हम एक्सेल में फार्मूला की मदद से हाइपरलिंक के बारे में जानेंगे। प्राइमरी लोकेशन पर क्लिक करके हम कनेक्टेड फाइल को दूसरे लोकेशन से हाइपरलिंक के जरिए खोल सकते हैं। एक्सेल में हाइपरलिंक करने के लिए हम “Ctrl+K” बटन का प्रयोग करते हैं या फिर इन्सर्ट मेनू में लिंक टैब पर क्लिक करने से हाइपरलिंक का ऑप्शन आता है।नीचे के वीडियो में दो तरह से हाइपरलिंक के बारे में बताने जा रहा हूँ आप सभी जरूर देखें सीखें और पसंद आये तो वीडियो लाइक कीजिये चैनल सब्सक्राइब कीजिये। 

 https://youtu.be/X9UdX8Xxy78

 https://youtu.be/f-1HLHdcu0Y

Excel-Vlookup & Hlookup

  Vlookup में "V" का मतलब वर्टिकल और "Lookup" मतलब खोजना होता है। एक्सेल में इसका प्रयोग किसी बड़े डाटा में से किसी खास व...